कानपुर। सेंट्रल रेलवे स्टेशन का स्वरूप बदलकर जहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
बढ़ाने की तैयारी है, वहीं गोविंदपुरी और अनवरगंज रेलवे स्टेशनों को अमृत
भारत योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। यहां निर्माण कार्य पहले से
ही चल रहे हैं, जबकि खाली पड़ी जगहों के व्यावसायिक उपयोग के निर्देश दिए
गए हैं। इस कड़ी में तीनों स्टेशनों पर रेल कोच रेस्टोरेंट बनाने की योजना
है। इसे ट्रेन के कोच से तैयार किया जाएगा। रेस्टोरेंट बनने के बाद इसका
संचालन निजी प्रतिष्ठान कर सकेंगे।
उत्तर मध्य रेलवे की ओर से राजस्व बढ़ाने पर जोर है। स्टेशनों पर
प्रतिष्ठानों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है। जगह जगह विज्ञापनों के
डिस्पले और साइनबोर्ड लगाए जा रहे हैं। दो दिन पहले प्रयागराज मंडल के
सीनियर डीसीएम हिमांशु शुक्ला ने सेंट्रल रेलवे स्टेशन, अनवरगंज और
गोविंदपुरी रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया था। यहां पर उन्हें काफी जगह
खाली मिली। उन्होंने डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह और एसीएम रेलवे संतोष
त्रिपाठी को खाली जगहों पर मॉल में होने वाली सुविधाओं को बनाने के लिए
निर्देशित किया, जिसमें मसाज पार्लर, किड्स कार्नर, ब्यूटी पार्लर, फूड
कार्नर आदि शामिल हैं। यहां का मौका मुआयना करने के बाद तीनों स्टेशनों पर
ऐसी जगह मिली, जहां पर रेल कोच रेस्टोरेंट आसानी से बनाया जा सकता है।
उन्होंने इसके निर्माण और प्रचार प्रसार के लिए निर्देशित किया। एसीएम
रेलवे संतोष त्रिपाठी ने बताया की रेल कोच रेस्टोरेंट के लिए जगह फाइनल हो
गई है। चुनाव के बाद कार्य कराया जा सकता है।
कोच को रेस्टोरेंट में किया जाएगा परिवर्तित
रेलवे की ओर से ट्रेन का खस्ताहाल कोच दिया जा सकता है या फिर रेस्टोरेंट
का संचालन करने वाली कंपनी कोच जैसा ढांचा तैयार कराएगी। इस विषय पर अभी
विचार विमर्श चल रहा है। कोच के अंदर डाइनिंग टेबल, टेबल, कुर्सियां और
अन्य सुविधाएं रहेंगी। वेज और नॉन वेज भोजन मिलेगा, जबकि अंदर बिल्कुल
ट्रेन जैसा अहसास होगा।














