कानपुर। पहाडों पर हुई बर्फबारी और उत्तर पश्चिमी हवा का असर नजर आने लगा है। मैदानी क्षेत्रों में सुबह और शाम की धुंध के साथ ही काफी ठंड पड़ रही है। पश्चिमी विक्षोभ के जाने के बाद अगले कुछ दिन में सर्दी का सितम तेजी से बढ़ेगा। हालांकि अभी पाला पड़ने की संभावना बिल्कुल नहीं है। धुंध रहेगी, जबकि दोपहर में धूप निकल आएगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी ने तापमान में थोड़ी गिरावट और नमी रहने के आसार बताए हैं।
यह स्थति जहां मनुष्यों, पशु और पक्षियों के लिए कष्टदायक है, जबकि फल, सब्जियों और अन्य फसलों के लिए लाभकारी है। इस समय काफी मात्रा में ओस की बूंदे बनती है, जिसका फायदा फसलों को होता है। मौसम विज्ञानी डाॅ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि जम्मू कश्मीर के पास सक्रिय रहा पश्चिमी विक्षोभ चीन की ओर निकल गया है। उसके जाते ही अफगानिस्तान की तरफ से फिर से उत्तर पश्चिमी हवा आने लगी है। वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी लेकर हवा आ रही हैं। इनका मिलन मैदानी क्षेत्रों में हो रहा है। दोनों के मिलने से गरज वाले बादल बन रहे हैं। कई बार बिजली गिरने की संभावना भी होटी है। अभी मैदानी क्षे़त्रों में इस तरह की कोई प्रभाव नहीं पडेगा। पहले के मुकाबले ठंड अधिक रहेगी। क्रिसमस डे के दिन सर्दी नजर आएगी। हल्का कोहरा पड़ने के आसार हैं। कानपुर, प्रयागराज, झांसी, कन्नौज, अलीगढ समेत अन्य जिलों में प्रदूषण का खतरा और बढ़ जाएगा। हवा में हानिकारक गैसों के साथ धूल के कणों के घनत्व में इजाफा होगा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 23.8 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। अधिकतम आर्द्रता 94 और न्यूनतम 61 फीसद रही। हवा की रफ्तार 1.2 किलोमीटर प्रति घंटे रही।














