कानपुर। भीषण गर्मी और उमस के बीच तापमान ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को जहां दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, वहीं रात का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। शनिवार की रात सीजन की सबसे गर्म रात रही। मौसम विशेषज्ञों ने तेज गर्मी के आसार जताए हैं। अत्याधिक उंचाई पर बादल छाए रह सकते हैं। हवा सामान्य से तेज चलेगी, जबकि वातावरण में उमस रहेगी।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डाॅ.एसएस सुनील पांडेय ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव रहेगा। चार से पांच दिन बादल छाए रहने की संभावना है। बारिश नहीं होगी। चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अब पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर से ऊपर है, जो ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के साथ ऊपर है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर है।
भारतीय चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान पर बना हुआ है।
एक और चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर असम पर है। उत्तरी बांग्लादेश के निचले स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तरी बांग्लादेश पर उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण से बनी ट्रफ गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तरी ओडिशा तक फैली हुई है। मराठवाड़ा से उत्तरी तमिलनाडु तक आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफध्हवा का विच्छेदन औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर बना हुआ है। रेलवे और रोडवेज के यात्री हुए बेहाल भीषण गर्मी का असर रेलवे और रोडवेज के यात्रियों पर भी पड़ा। रेलवे के ज्यादातर कोच में भीड़-भाड़ चल रही है। जनरल और स्लीपर कोच में पैर रखने की भी जगह नहीं है। टीटीई की मिलीभगत से यह मामला चल रहा है।














