कानपुर। सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म और रेलवे ट्रैक से बंदर, कुत्ते व गोवंशों को हटाने के लिए नगर निगम और वन विभाग का सहयोग लिया जाएगा। गोवंश रेलवे ट्रैक तक न पहुंच सके, उसके लिए ट्रैक किनारे जालियां लगाने की तैयारी है। अभी बंदरों को डराने के लिए प्लेटफार्म पर लंगूरों के कटआउट लगाए गए हैं, जबकि कुत्तों को अभियान चलाकर बाहर किया जाता है। शुक्रवार को सेंट्रल स्टेशन पर निरीक्षण के लिए आए उत्तर मध्य रेलवे के जीएम रवींद्र गोयल ने स्टेशन से जानवरों को बाहर करने की प्लानिंग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम और वन विभाग के साथ बातचीत चल रही है। जल्द ही उनकी टीम आकर प्लेटफार्म पर अभियान चलाएगी। रेलवे के कई एंट्रेंस हैं, जहां से जानवर आसानी से अंदर दाखिल हो जा रहे हैं। उनको बंद करना आसान नहीं है। गोवंश रेलवे ट्रैक किनारे न पहुंच सके, उसके लिए ट्रैक किनारे जालियां लगाई जाएगी। स्टेशन से आगे बढ़ते ही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाती है। अचानक गोवंशों के आने से हादसे का खतरा रहता है।
लखनऊ फाटक के पास से हटाया मलबा
उत्तर मध्य रेलवे के जीएम के निरीक्षण के दूसरे दिन ही लखनऊ रेलवे फाटक के पास से मलबा और मिट्टी हटाई गई। यह मलबा रेलवे ट्रैक के नजदीक पड़ा हुआ था। जीएम ने शुक्रवार को विंडो ट्रोलिंग निरीक्षण के बाद अधिकारियों को ट्रैक किनारे साफ-सफाई और किसी भी तरह के अतिक्रमण को दूर करने का निर्देश दिया था। उनके जाने के 24 घंटे बाद ही रेलवे के अधिकारियों ने कार्य शुरू कराया। कानपुर से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों का आवागमन लखनऊ रेलवे फाटक को क्रॉस करके होता है। यहां पर लगने वाले जाम को देखते हुए फ्लाई ओवर का निर्माण हुआ। इस ट्रैक के किनारे कचरा और मलबा पड़ा हुआ था। रेलवे अधिकारियों ने इसको साफ कराया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह रुटीन कार्य है, जिसको समय समय पर कराया जाता है।














