कानपुर। कंपकंपाने और दांत किटकिटाने को मजबूर करने वाली सर्दी अभी पीछा नहीं छोड़ेगी। सुबह-शाम कोहरे, धुंध के साथ ही तेज हवा चलेगी। तापमान में उतार चढ़ाव होगा, जबकि धूप और बादलों के बीच लुका छिपी का खेल जारी रहेगा। यह स्थिति जनवरी तक ऐसे ही रहने के आसार हैं। फरवरी के पहले हफ्ते से कुछ राहत मिल सकती है। तापमान में थोड़ा इजाफा होगा।
इस समय उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आम जनजीवन प्रभावित है। जहां सर्दी और कोहरे के हालात को देखते हुए स्कूल और काॅलेजों के समय में परिवर्तन किया गया है। कक्षा आठ से नीचे की कक्षाओं के छात्रों की छुट्टी कर दी गई है, वहीं रेलवे, रोडवेज और हवाई सेवाएं सही तरह से चल नहीं पा रही हैं। कानपुर से जाने और आने वाली पांच सौ से अधिक ट्रेन 10 से 22 घंटे देरी से चल रही है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डाॅ.एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उत्तर पूर्वी हवा आ रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 7.6 और न्यूनतम में 4.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। अधिकतम तापमान 11.8 और न्यूनतम 2.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। हवा करीब पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली, जबकि वायुमंडल में अधिकतम आर्द्रता 94 फीसद रिकार्ड हुई।
जेट स्ट्रीम हवा से आ रही ठंड
डाॅ.एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक इस बार सर्दी जेट स्ट्रीम हवा के कारण अधिक पड़ रही है। यह जेट हवा पूर्वी यूरोप की ओर से ठंड को खींच कर उत्तर भारत तक ला रही है। यह हिमालय से टकराकर मैदानी क्षेत्रों की ओर पहुंच रही है।
2003 में था दो डिग्री सेल्सियस
सीएसए के मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 19 जनवरी 2003 को न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ था। इसी वर्ष पारा एक डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम विज्ञानी इस बार भी तापमान के अत्याधिक नीचे जाने के आसार जता रहे हैं।
हीटर से गर्मी लेने पहुंचा बंदर
अत्याधिक सर्दी से परेशान एक बंदर गुरुवार को कैंप कार्यालय के अंदर पहुंच गया। वहां लगे हीटर से उसने स्वयं को गर्माहट दी। ड्यूटी पर तैनात एसआई अशोक कुमार गुप्ता ने उसे न सिर्फ प्यार से सहलाया बल्कि खाने के लिए बिस्कुट भी दिया। बंदर काफी देर तक हीटर के सामने बैठा रहा।














