कानपुर। रेलवे के आपरेशन फोर्टरेस में 368 यात्री बिना टिकट यात्रा करने और स्टेशन पर पान मसाला, गुटखा, खैनी चबाने में फंस गए। उनके खिलाफ ठीक ठाक जुर्माना लगाया गया है। रेलवे को इस कार्रवाई से 2,05,800 रुपये का राजस्व मिला है। सभी को इस तरह की गलती दोबारा न दोहराने की सख्त हिदायत दी गई है।
उत्तर मध्य रेलवे के स्टेशनों पर अवैध वेंडरों के खाद्य सामग्री बेचना, ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करना और गंदगी फैलाने की लगातार शिकायतें आ रही हैं, जिसको रोकने के लिए रेलवे के अधिकारियों ने आपरेशन फोर्टरेस (किलाबंदी) चलाया गया। इस आपरेशन में रेलवे के अधिकारी, टीटीई, अन्य स्टाफ आरपीएफ और जीआरपी के साथ मिलकर सारे आने और जाने वाले मार्ग पर चेकिंग की गई। इस अभियान में महिला टीटीई भी शामिल रहीं। फोर्टरेस डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह के निर्देशन में चलाया गया, जिसमें एसीएम रेलवे संतोष कुमार त्रिपाठी और अन्य स्टाफ फुट ओवरब्रिज, प्लेटफार्म, सिटी साइड और कैंट साइड की ओर खड़े हो गए। इस दौरान आने और जाने वाले यात्रियों के टिकट चेक किए गए, जबकि उनपर नजर रखी गई। कुछ यात्रियों ने पान मसाला खाकर इधर उधर गंदगी फैलाई। उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। रेलवे अधिकारियों को देखकर कई अवैध वेंडर भागते हुए नजर आए। वैध वेंडरों के दस्तावेज भी जांचे गए। एसीएम रेलवे संतोष त्रिपाठी ने बताया कि इस तरह के अभियान का मुख्य मकसद लोगों को जागरूक करना भी है। उनकी लापरवाही और नशे की आदतों से रेलवे को नुकसान हो रहा है। स्टेशनों पर जगह जगह थूकने के निशान बने हुए हैं।














